
*गाय माता को दी गई अंतिम विदाई:*
*जलोदिया पार में सौदान सिंह ने निभाया धर्म और परंपरा*
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
देपालपुर न्यूज/ देपालपुर तहसील, जलोदिया पार ग्राम जलोदिया पार में एक अनोखी और भावनात्मक घटना ने पूरे क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया, जब किसान सौदान सिंह पुत्र अर्जुन सिंह तूफान सिंह ने अपनी देसी गाय के निधन के बाद उसे विधि-विधानपूर्वक अंतिम संस्कार देकर ग्रामीण संस्कृति और पशु प्रेम की मिसाल पेश की।
गाय माता का जन्म और अंतिम सांस सौदान सिंह के घर पर ही हुई। जब गाय की तबीयत बिगड़ी, तो परिवार ने गीता पाठ कर उसे आध्यात्मिक शांति प्रदान की। अर्जुन सिंह ने बताया, “गाय हमारे परिवार का हिस्सा थी, उसकी सेवा और विदाई भी उसी श्रद्धा से की गई जैसे किसी परिजन की होती है।”
गाय की तेरहवीं के बाद कन्या भोज का आयोजन भी किया जाएगा, जो ग्रामीण परंपरा में गहरी आस्था और सम्मान का प्रतीक है।
गाय माता की अंतिम क्रिया में शामिल हुए क्षेत्र के प्रतिष्ठित जन
दरबार सिंह सेठ कालू चौधरी दीपक सेन संजय जाट हरिराम चौधरी राहुल भाटी हरिराम चौहान पशु चिकित्सक सौदान राजावत
इस घटना ने न केवल पशु प्रेम की भावना को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि ग्रामीण भारत में गाय को माता के रूप में पूजने की परंपरा आज भी जीवंत है
